Nauchandi Fair: मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले का मंगलवार रात समापन हो गया। आखिरी दिन मेले में भारी भीड़ उमड़ी। जिला प्रशासन द्वारा रोशनी के लिए दिए गए ठेके की अवधि समाप्त होने के कारण मेले के समापन का निर्णय लिया गया है। 

शहर का ऐतिहासिक नौचंदी मेला अपने समापन की ओर बढ़ चला है। 13 मई को शुरू हुआ यह विशाल आयोजन 16 जून को विधिवत रूप से संपन्न हो गया है। मेले के समापन के साथ ही बुधवार से सभी दुकानें और झूले हटने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

17 जून से मेला परिसर में रोशनी की सुविधा भी बंद कर दी जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा रोशनी के लिए दिए गए ठेके की अवधि समाप्त होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, मेले में सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस बल की संख्या भी कम कर दी जाएगी, क्योंकि अब मेले का संचालन पूरी तरह से समाप्त हो गया है।

दुकानदारों को मिला निर्देश
पुलिस और प्रशासन की ओर से सभी दुकानदारों को मेले के समाप्त होने और अपनी दुकानें हटाने के संबंध में स्पष्ट निर्देश दे दिया गया है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी वीएस कुशवाहा ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि 17 जून से मेले में मिलने वाली सभी सुविधाएं, जिसमें रोशनी, झूले और दुकानों का संचालन शामिल है, बंद कर दी जाएंगी। दुकानदारों को निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत अपनी दुकानें समेट लें।

मेले का महत्व और भविष्य
नौचंदी मेला मेरठ के सांस्कृतिक और व्यावसायिक जीवन का एक अभिन्न अंग रहा है। यह न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दूर से आए आगंतुकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा है। मेले का समापन हर साल एक नई शुरुआत का प्रतीक होता है, जहां व्यापारी अपने सामानों की बिक्री करते हैं और लोग मनोरंजन का आनंद लेते हैं। आगामी वर्ष में एक बार फिर इस मेले के आयोजन की उम्मीदें बनी रहेंगी।

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